सीखें · बुनियाद

27 नक्षत्र

आकाश में चंद्रमा का रास्ता 27 छोटे हिस्सों में बँटा है। इसी से वैदिक राशिफल ऐसा लगता है जैसे वह सच में आपके ही बारे में हो।

✦ 6 मिनट में पढ़िए · हर एक 13°20′ · 27 × 4 पाद

नक्षत्र क्या है

बारह राशियाँ आकाश को बारह बड़े हिस्सों में बाँटती हैं। नक्षत्र उसे 27 छोटे हिस्सों में बाँटते हैं। हर हिस्सा 13°20′ चौड़ा है। चंद्रमा एक दिन में लगभग एक नक्षत्र पार करता है। इसीलिए ये सिर्फ़ बड़ी तस्वीर नहीं, छोटी-छोटी बातें भी दिखाते हैं।

हर नक्षत्र का अपना चिह्न, अपना देवता और अपना स्वभाव होता है। दो लोगों की चंद्र राशि एक हो सकती है, फिर भी दोनों बिलकुल अलग लग सकते हैं। इसकी वजह अक्सर यही होती है कि दोनों अलग-अलग नक्षत्रों में जन्मे हैं।

आपका जन्म नक्षत्र

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में था, वही आपका जन्म नक्षत्र है। कई भारतीय घरों में ज्योतिषी सबसे पहले यही देखते हैं। यह आपका स्वभाव गढ़ता है, और यही तय करता है कि आपकी विंशोत्तरी दशा कहाँ से शुरू होगी। घरों में इसी से बच्चे का नाम चुना जाता है, चंद्र कैलेंडर के हिसाब से जन्मदिन मनाया जाता है और मुहूर्त निकाला जाता है।

पाद और स्वामी

हर नक्षत्र चार पादों यानी चार चौथाई हिस्सों में बँटा है। हर पाद 3°20′ चौड़ा है। इन पर नौ ग्रहों का स्वामित्व होता है, बारी-बारी और उसी क्रम में बार-बार - केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि, बुध। इसी स्वामी से तय होता है कि आपकी दशा कहाँ से शुरू होगी।

सभी 27, अपने स्वामियों के साथ

  1. अश्विनीकेतु
  2. भरणीशुक्र
  3. कृत्तिकासूर्य
  4. रोहिणीचंद्र
  5. मृगशिरामंगल
  6. आर्द्राराहु
  7. पुनर्वसुगुरु
  8. पुष्यशनि
  9. आश्लेषाबुध
  10. मघाकेतु
  11. पू. फाल्गुनीशुक्र
  12. उ. फाल्गुनीसूर्य
  13. हस्तचंद्र
  14. चित्रामंगल
  15. स्वातिराहु
  16. विशाखागुरु
  17. अनुराधाशनि
  18. ज्येष्ठाबुध
  19. मूलकेतु
  20. पू. आषाढ़ाशुक्र
  21. उ. आषाढ़ासूर्य
  22. श्रवणचंद्र
  23. धनिष्ठामंगल
  24. शतभिषाराहु
  25. पू. भाद्रपदगुरु
  26. उ. भाद्रपदशनि
  27. रेवतीबुध

पू. = पूर्व (पहले) · उ. = उत्तर (बाद में)। ऐप में किसी भी नक्षत्र पर टैप कीजिए और उसका चिह्न, देवता और स्वभाव देखिए।

आप किस नक्षत्र में जन्मे हैं?

Cosmic Take पहले ही दिन बता देगा। लिस्ट में जुड़िए।

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